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श्री जगदम्बा ताण्डव स्तुति

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॥ श्री जगदम्बा ताण्डव स्तुति ॥

जयति जयति जगदम्ब भवानी,

आदि शक्ति परमेश्वरी कल्याणी।

दनुजदलन-दुष्टदमन-कारिणि,

जय जय जननि जगत्तारिणि॥


रणमुण्डमाल-विगलद्रुधिरप्रवाह-

प्रचण्डचण्डहास-भयङ्करप्रभा।

डमड्डमड्डमड्डमड्डमन्निनादित-

प्रचण्डताण्डवप्रिया नमोऽस्तु ते शिवा॥


करालवक्त्र-दीप्तदंष्ट्र-कालकाल-

कपालमालभूषिते महेश्वरि।

त्रिशूलखड्गचक्रशक्तिधारिणि,

प्रसीद देवि विश्वमङ्गलेश्वरि॥


प्रभिन्नशुम्भनिशुम्भदैत्यदर्पहा,

प्रमथ्यमानरक्तबीजविग्रहा।

महिषासुरप्राणहारिणि प्रभो,

नमामि सिंहवाहिनीं परां शिवाम्॥


भुजङ्गहारकुण्डलोल्लसत्कच-

प्रभञ्जनप्रचालिताम्बरोज्ज्वला।

जटाजूटसंभ्रमोन्मथन्महीतलं,

नृत्यन्ति यस्याः पदपल्लवा दिशः॥


प्रदीप्तकोटिसूर्यचन्द्रतेजसा,

प्रभासिताखिलाण्डकोटिमण्डला।

त्रिलोचनप्रियार्धदेहधारिणी,

परा परात्परा परेश्वरी शिवा॥


कृपाकटाक्षवृष्टिपूतमानस-

प्रसन्नभक्तपालिनी दयामयी।

भवाब्धिमग्नजीवमोक्षणोत्सुका,

भवानि पाहि पाहि विश्ववल्लभे॥


त्वमेव शक्तिरूपिणी परात्परा,

त्वमेव वेदमातृका सनातनी।

त्वमेव सृष्टिपालनान्तकारिणी,

त्वमेव मुक्तिदायिनी निरञ्जनी॥


नमो नमो महेश्वरी शिवप्रिये,

नमो नमो जगद्गुरो जगन्मये।

नमो नमः प्रचण्डताण्डवप्रिये,

प्रसीद मातरम्बिके नमोऽस्तु ते॥


~बाल कृष्ण मिश्रा , नई दिल्ली |




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