मुर्ख 'मुर्खो' का कभी निरादर मत कीजिये, क्योकिं हम जिस जगह पे है ,शायद उन लाखों करोडो मुर्खो की वजह से है, अगर मुर्ख नहीं होते तो हम उस मुकाम के लायक नही रहते, जो हमने कड़ी मेहनत से पायी है या पाना चाहते हैं! 👉 हमसे जुडने के लिए यहाँ click करें 👈 Poet Gajanand Jayanti kenwat EDUCATION :Bsc(Maths) ADDRESS : Dabhara janjgir champa Chhattisgarh Publisher Om Tripathi Contact No. 9302115955 आप भी अगर साहित्य उत्थान के इस प्रयास में अपनी मदद देना चाहते हैं तो UPI ID. 9302115955@paytm पर अपनी इच्छा अनुसार राशि प्रदान कर सकते हैं। Social Media Manager Shourya Paroha अगर आप अपनी कविता प्रकाशित करवाना चाहते हैं तो आप व्हाट्सएप नंबर 7771803918 पर संपर्क करें।
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