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Bhawani mata

 (भवानी माता) (गीत)  भवानी माता पहाड़ों से आई मेरे आंगन, जगदम्बा माता नौ दिन विराजे मेरे आंगन। शैलपुत्री देवी पहले दिवस में पधारी, आरोग्य आशीष वरदान संग पधारी, चरणों में गऊ घृत अर्पण करूँ मेरे आंगन। ब्रह्मचारिणी माता दूजे दिवस में आई, चिरायु आशीष संग में लेकर माँ आई, शकर के भोग से हुई प्रसन्न मेरे आंगन।  चंद्रघंटा मैया तीजे दिवस में विराजी, मन इच्छा पूरी करने को है मैया राजी, पायस का भोग तुझको जिमाऊँ मेरे आंगन।  कूष्मांडा देवी चौथे दिवस में आई, रोग शोक मेरे नष्ट करने को आई, मालपुए अपने हाथ खिलाऊँ मेरे आंगन। स्कंदमाता पंचम दिवस में पधारी, सिद्धि देने माँ मेरे भवन में पधारी, केले के भोग से हुई प्रसन्न मेरे आंगन।  कात्यायनी मैया छठवें दिवस घर आई, आकर्षण देने सुन्दर बनाने चली आई, शहद का भोग भेंट करूँ मेरे आंगन।  कालरात्रि देवी सप्तम दिवस में आई, रोगों से मुक्ति देने को माँ चली आई, मीठे के भोग से मैया प्रसन्न मेरे आंगन।  महागौरी देवी आठवें दिन घर आई, असंभव कार्य करने तुरन्त चली आई,  नारियल का भोग हाथ खिलाऊँ मेरे आंगन।  सिद्धिदात्री मैया न...

Holi

  होली   (गीत)                      राधा ब्रज में आई है,               श्याम संग होली खेलूँगी। कृष्ण रंग गुलाल खेलूँगी,                  प्रेम रंग होली खेलूँगी।  प्रीत के रंग में कान्हा को रंग दिया, श्याम के रंग में राधा को रंग लिया,  प्रीत की बंशी बजाऊंगी, श्याम- - ‐' रंग पिचकारी भर कृष्णा पे डाला, गइयन संग ग्वाल बालन पे डाला, चेहरे पीले कर दूंगी, श्याम- - - -' श्याम हँसे संग ब्रज झूमे है, यमुना तीरे रस रंग जमे है, कण-कण रंग भर दूँगी, श्याम- - - -' मुरली अधर धर कृष्ण बजाए, होली रसिया मुरलिया गाए, बंशी वश में कर लूँगी, श्याम- - - -' कान्हा ने रंग से अंग-अंग रंग दिया, हाथ पकड़ मेरा चेहरा मल दिया, गालियाँ मन भर के दूँगी, श्याम----' राधा कृष्ण की जोड़ी अपार है, मोहिनी मूरत सुख अपरम्पार है, जीवन रंग "श्री" दूंगी, श्याम- - - - '                    हमसे जुडने के लिए👉 यहाँ ...

Holi Geet

 होली गीत (गीत)  आये लेके पिचकारी गोरी चुनरी सँभाल  कर देंगे हरी पीली नीली और लाल  हम रंग देंगे तेरे अंग सब खेलेंगे होली बड़ी ही गजब रंगने दे घूँघट यूँ रुख पे न डाल।  होली के हुणदंग में रच भी जा आ खुल के होली मेरे सँग मना छोड़ दे शर्म होने दे अब तो बबाल।  छाँनेंगे भंग और भँगडा करेंगे  हम आज तो न किसी से डरेंगे खुल कर के नाँचेंगे दे दे के ताल।  गुस्साओ न जान शरमाओ न होली की मस्ती में आ जाओ न होली का मतलब ही होता धमाल।  है *राज* रंगीला सारा समां बौराये है अब जमीं आसमां बरसे है रंग देखो उड़ता गुलाल।  हमसे जुडने के लिए👉 यहाँ click करें 👈 Poet Raj Shukla(Gazalraj)  EDUCATION :B.A ADDRESS : Auraiya, U. P Publisher Om Tripathi Contact No. 9302115955 आप भी अगर साहित्य उत्थान के इस प्रयास में अपनी मदद देना चाहते हैं तो U...

Saraswati Vandana

सरस्वती वंदना   ( गीत )  हे भारती माँ  सिद्धार्थी माँ , तू है जगत की परमार्थी माँ । विद्या नहीं है अज्ञानी हूँ मै, झोली से बिल्कुल खाली हूँ मैं, कोई नहीं है मेरा सारथी माँ, हे भारती-----' तेरे ही दर पर मैं आकर खड़ा हूँ, तेरी कृपा का मैं याचक बड़ा हूँ, चौखट का तेरी शिक्षार्थी माँ, हे भारती-----‘ ज्ञान सुधा की तू खान है माँ, वेदों में तेरा ही बखान है मा, मैं भी हूँ तेरा दया प्रार्थी माँ, हे भारती------' तेरी महिमा किसी ने न जानी, तेरी कृपा बिन पंडित न ज्ञानी, मुझको बना“श्री"विद्यार्थी माँ, हे भारती-----'    हमसे जुडने के लिए👉 यहाँ click करें 👈 Poet Sarita Shrivastav (Shree)  EDUCATION : ADDRESS :Khosla Vihar colony Dhoulpur (Rajasthan)  Publisher Om Tripathi Contact No. 9302115955 आप भी अगर साहित्य उत्थान के इस प्रयास में अपनी मदद देना चाहते हैं तो UPI ID. 9302115955@paytm पर अपनी इच्छा अनुसार राशि प्रदान कर सकते हैं। Social Media Manager Shourya Paroha अगर आप अपनी कवित...

Naye jamane ke badalte rishte

नये जमाने के बदलते रिश्ते       ( गीत )  पास में हैं पर पास नहीं है  साथ में हैं लेकिन साथ नहीं है  कैसा ये आया अब नया दौर  अपने तो हैं पर अपने नहीं है । हुए पराए अपने ,अपने पराये हो गये  प्रेम भी अब तो नफरत सी हो गये चलने लगे जब घर दूसरो से  ये समझो कि घर अब अदालत हो गये । जिसे समझा अपना वही दर्द दे गये  उम्रभर साथ क्या सारे मर्ज दे गये जमाने को हमने बहुत ही टटोला  जिसे समझा सच वही झूठे निकल गये । अधेरो में रहना अब तो पसंद है  दीपक की लौ से भी अब तो जलन है  उजालो में दिखता साफ चेहरा नजर  कम से कम अंधेरो में सारे रंग भंग है । देखा है हमने जमाना कितना झूंठा है  जो मीठा बोलता वह कितना जहरीला है  मीठी मीठी बातों में फसते गये हम  उलझे अभी तक सुलझे नहीं हम। हमसे जुडने के लिए👉 यहाँ click करें 👈 Poet Geeta Patel EDUCATION :Asawalpur, Pindra, Varanasi (U.P)            ADDRESS :असवालपुर पिन्डरा वाराणसी  Publisher Om Tripathi Contact No. 9...

Geet

 मेरी बोलती है कंगना मेरी बोलती है कंगना  अब आजा मेरे सजना  तेरी याद सताती है  मुझे नींद न आती है अब तो मुझको तेरे बीना आ आ आ। तेरे बिन सेज लगे सुनी आँगन भी सुना है  चन्दा के बिना जैसे चकोर अधूरा है  दिल लगता नहीँ तेरे बिन कितना अकेला है  प्रीत का पायल छनके ना आ आ आ  मेरी बोलती है- - - - - - - - - प्यासी मेरी अखिया बेचैन सांसे है  आमों की डाली से कोयल जो गाती है  उसकी मीठी बोली मुझको जलाती है  काटों सा चूभे मुझे दिन रैना आ आ आ  मेरी बोलती है कंगना- - - - - - - - -   हमसे जुड़ने के लिए 👉 यहां क्लिक करें 👈 Poet Geeta Patel/Jeetendranath Verma Education   :    M. A from Madiyahu p. g college, Jounpur Address      :  Asawalpur  , Pindra , Varanasi (U.P)  Geeta Patel Publisher Om Tripathi Contact No. 9302115955 आप भी अगर साहित्य उत्थान के इस प्रयास में अपनी मदद देना चाहते हैं तो UPI ID. 9302115955@paytm पर अपनी ...