होली गीत
(गीत)
आये लेके पिचकारी गोरी चुनरी सँभाल
कर देंगे हरी पीली नीली और लाल
हम रंग देंगे तेरे अंग सब
खेलेंगे होली बड़ी ही गजब
रंगने दे घूँघट यूँ रुख पे न डाल।
होली के हुणदंग में रच भी जा
आ खुल के होली मेरे सँग मना
छोड़ दे शर्म होने दे अब तो बबाल।
छाँनेंगे भंग और भँगडा करेंगे
हम आज तो न किसी से डरेंगे
खुल कर के नाँचेंगे दे दे के ताल।
गुस्साओ न जान शरमाओ न
होली की मस्ती में आ जाओ न
होली का मतलब ही होता धमाल।
है *राज* रंगीला सारा समां
बौराये है अब जमीं आसमां
बरसे है रंग देखो उड़ता गुलाल।
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Om Tripathi
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