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Pita Mere

 


_पिता मेरे

Poet Amita Singh


पिता मेरे । शत् शत् नमन..


सागर से भी गहरा, अंबर से भी ऊँचा जिसका प्यार है


' पिता " इक शब्द नहीं, संपूर्ण संसार है, 

अनुभूति से आनंद तक ... असीम आशीर्वाद है

पिता तेरा हमसभी पर अनमोल अनुराग है 

मेरी रग-रग में बसा तेरा संस्कार है..

 रक्त की हर बूंद तेरी ही कर्जदार है.

ये जिंदगी, जज्बा, जुनून, तेरा दिया उपहार है.. 

मेरी हिम्मत, हौंसला और ये हंसीं तेरा दिया प्यार है.. 

सागर से भी गहरा, अंबर से ऊंचा जिसका प्यार है

पिता इक शब्द नहीं संपूर्ण संसार है 


जीवन एक परीक्षा है,सफलता पिता की शुभेच्छा है 

जंग भी तेरी, जीत भी तेरी, मेरा जीवन तेरी ही इच्छा है

 पिता हमारी पहचान है, सारी खुशियां सारा जहान है 

वजूद से जिसके लगता जीवन, हर क्षण नया विहान है. 

आदर्श तुमही हो, पिता मेरे ,तुमसे मेरा आत्मविश्वास है 

जीवन बने सफल मिले सुख-समृद्धि तेरे आशीष की आश है


सागर से भी गहरा, अंबर से भी ऊँचा तेरा प्यार है मेरे

 "पिता" तू ही मेरा संपूर्ण संसार है....

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Poet

Amita Singh

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