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Jindigi tere naam

 जिंदगी तेरे नाम

(कविता) 

1.  जिंदगी के दो पल तेरे नाम कर दू ये 

     जिंदगी तूने बहुत लोगों को रुला डाला

     और कितना रुलाएगा ।


2.  सुबह होते ही इंसान अपने घर से बाहर 

     कमाने निकलता है काम ना मिले 

     तो वहीं इंसान कई ठोकरें खाकर घर लौटता है।


      क्या यही जिंदगी है ?


3. किसी ने मुझसे पूछा जिंदगी आखिर है 

   क्या ?मै बोलती ही क्या मै 

   तो यही बोली जिंदगी कोई खेल मजाक नहीं

  जिसे जब मन चाहा मजाक बना लिया 

  “जिंदगी तो वह है जिसे अनुभव के साथ जिया जाए”


4.  जिंदगी के हर मोड़ पर कही सुख है तो

     कहीं दुख अगर इंसान के जीवन में दुख आ

     जाए तो कई लोग यही बोलते है मुझे अपनी

      जिंदगी से नफ़रत है ।


5. जिंदगी से नफ़रत करने वाले इंसानों

     जिंदगी जी कर तो देखो उन बुलंदियों को

      छू कर तो देखो! 


6. छोड़ दो नकारात्मक सोचना और जियो

    अपनी जिंदगी जिंदगी है दोस्तो कोई पहेली

     नहीं जिसे बुझा दिया जाए ।


7. हम सब उड़ने के लिए बने है गिरने के

    लिए नहीं जिंदगी से करना ही है तो नफरत 

    नहीं मोहबब्त करना सीखिए ।


8. दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण है तो वो इंसान

    है तुम क्यों अपनी खूबसूरत जिंदगी को 

   नर्क बना रहे हो इंसानों जिंदगी को एक नई 

   दिशा नई पहेचान दे कर तो देखो दुनिया

    रंगीन नजर आईगी ।


जिंदगी को गले लगाएं ना की मौत को !



ये कविता नहीं यही तो सच्चाई है आप सभी अपनी जिंदगी को खुशनुमा की

तरह जीना सीखें 🙏

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Poet

Soniya Singh

EDUCATION : कक्षा 12वी ‘कला शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (टी) प्रतापपुर छत्तीसगढ़
ADDRESS :प्रतापपुर छत्तीसगढ़

Publisher

Om Tripathi

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टिप्पणियाँ

  1. Awesome ...keep it up 👍🏻👍🏻

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  2. सारी कविताओं को लेखिका ने बहुत ही अच्छी तरीका से सजाकर लिखा है मेरे दिल की गहराइयों से आपको बहुत-बहुत धन्यवाद.....

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत ही शानदार , अनुभवजन्य और तार्किक भावाभिव्यक्ति बेटा सोनिया- सुभाशीष

    जवाब देंहटाएं
  4. Awesome....keep it up 👍🏻👍🏻

    जवाब देंहटाएं
  5. Ram Singh Jaiswal11:05 pm

    बहत ही सुन्दर सोनिया जी ������

    जवाब देंहटाएं

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