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जीवन




जीवन है अनमोल रे वंदे जीवन है अनमोल।
जीवन है अनमोल रे वंदे जीवन है अनमोल।।
रहो हमेशा खुश रे वंदे,जीवन है अनमोल।


उठो सबेरे सैर करो तुम, रोग न तुमको चाहेगा ।
नित्य- नियम पानी पी लेना कब्ज दूर हो जाएगा ।।
हाथ धो कर भोजन करना स्वस्थ रहोगे हरदम तुम।
अटर-पटर मुंह में कुछ न लेना बीमार तुरंत पड़ जाओगे।।
जीवन है अनमोल रे वंदे जीवन है अनमोल।


समय के साथ आगे बढ़ना, मंजिल न दूर होगा ।
आलस बुरी बलाई रे वंदे,हरदम याद रखना।।
गिरो,उठो,संभालो,खुद को, कोई क्या कर लेगा।
अगर बुलंद है जोश अपना, बाधा कुछ न कर पाएगा।।
जीवन है अनमोल रे वंदे जीवन है अनमोल।


रहो हमेशा सावधान प्यारे,नेकी राह अपनाना।
माता- पिता-गुरुजनों से दूरी कभी न करना।।
वैर कि भावना कमजोर ही करता,सत्य कि राह पर रहना।
धीरज बनाए सदा तू रखना चाहत कमजोर न करना।।
जीवन है अनमोल रे वंदे जीवन है अनमोल।


मिलेगी सफलता, मिलेगी शोहरत, कृति होगी चारों ओर।
गूंज उठेगा कोयल संग भवरे, नाचे गली- गली में मोर।।
नन्द बिहारी कहता सबको दुनियां एक परिवार है।
जीवन है अनमोल रे वंदे जीवन है अनमोल।।

रहो हमेशा खुश रे वंदे जीवन है अनमोल।
जीवन है अनमोल रे वंदे जीवन है अनमोल।।
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Poet

 नन्द बिहारी

EDUCATION :
ADDRESS :ग्राम- जमैला,पोस्ट-मदना, भाया- अंधराठाड़ी, जिला- मधुबनी, बिहार-847401







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