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Tamatar Bhaiya


_ टमाटर भईया



हैलो टमाटर भईया
सुना है मार्केट में आपके भाव बढ़ गए हैं
बहुत इठलाकर कर चल रहे हैं और अहंकार भी आपका बढ़ा हुआ है
सही सुना है तुमने
आगे और सुनो
जिनकी 50हजार सैलरी है वो मुझे 1kg लाते हैं और फ्रिज में रखकर हफ्तों चला रहे हैं
जिनकी सैलरी 35हजार हैं वो मुझे आधा किलो लाते हैं और 15दिन फ्रिज में रखकर चला रहे हैं
जिनकी सैलरी 25हजार है वो बेचारे 250ग्राम लाते हैं और लंच की सब्जी में डालकर ले जा रहे हैं जिससे उनका स्टेट्स बना रहे
जिनकी सैलरी 20से 15हजार हैं वो तो मेरा स्वाद कुछ दिनों से भूल गए हैं दाल सब्जी बिना टमाटर के खा रहे हैं
और मेरे भाव गिरने का इंतजार कर रहे हैं उनको बस ये याद है कि मैं लाल लाल दिखता हूं और खाने का स्वाद बढ़ाता हूं
और आगे सुनो जिनकी सैलरी लाख रुपए होगी उनको तो कोई फर्क नहीं है मेरा भाव बढ़े या घटे वो तो मुझे आराम से खा रहे हैं
समझे
अच्छा टमाटर भईया हमारे घर कब आओगे
चिंता न करो दिसंबर की कड़ाके की ठंडक आने दो सबके घर पर आऊंगा और सबके घर की दाल सब्जी का स्वाद बढ़ा दूंगा तब तक मुझे मार्केट में इठलाकर कर चलने दो
बाय बाय

Amrita tripathi



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