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Kya Khareeda

 

_क्या खरीदा



पैसे से हमने मकान खरीदा आनंद नही खरीद पाए
पैसे से हमने शान शौकत खरीदी इज़्जत नही खरीद पाए
पैसे से हमने भोजन खरीदा भूख नही खरीद पाए
पैसे से हमने बिस्तर खरीदा नींद नही खरीद पाए
पैसे से हमने वस्त्र खरीदा वाणी नही खरीद पाए
पैसे से हमने गहने खरीदे रूप न खरीद पाए
पैसे से हमने कुंडली खरीदी किस्मत नही खरीद पाए
पैसे से हमने डिग्री खरीदी ज्ञान नही खरीद पाए
पैसे से हमने पानी खरीदा प्यास नही खरीद पाए
पैसे से हमने फोन खरीदा रिश्ते नही खरीद पाए
पैसे से दूसरो को रुला दिया आंसू नहीं पोंछ पाए
पैसा जीवन को चलाने के लिए हमारी अजीविका हैं लेकिन पैसे से बढ़कर भी कुछ है हमे उसे समझना और समझाना चाहिए


Amrita tripathi

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Amrita tripathi

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Ummeede

_   उम्मीदें उम्मीदें इस जहाँ में बस ख़ुदा से रखना तुम साबरी इंसान कभी किसी के साथ वफ़ा नहीं करते। जो क़ैद कर ले किसी को अपनी यादों में, तो मरने तक उनको उस यादों से रिहा नहीं करते। रूह से इश्क़ करना ये बस ख़्वाबों-ख़यालों  फिल्मों में सुन रखा होगा सबने, हक़ीक़त में इस जहाँ में लोग बिना जिस्म के इश्क़ का सौदा नहीं करते। वादे करके भूल जाना तो इंसान की फ़ितरत है। यहाँ वादे ख़ुदा से भी करके लोग पूरा नहीं करते। ~ Drx Ashika sabri (Age: 22) Bsc ,D pharma Varanasi(U.P)

Shiv Shakti

_ ॥ शिव-शक्ति संकल्प ॥ शिवालयों से शंखनाद हुआ,  गूंजा यह संदेश, हर नारी में दुर्गा जागे,  हर पुरुष शिव रूप बन जाए। हर थिरकन में सृष्टि की लय, साँसों में ओमकार समाए। हर नारी में दुर्गा जागे, हर पुरुष शिव रूप बन जाए। सृष्टि का हर कण है पावन,  शक्ति का हर रूप अनमोल, नारी जब सँवारे घर-आँगन,  और रण में भरती हुँकार। दुर्गा बन संहारे दानव,  काली बन मिटाए अंधकार, उसकी ममता में विष्णु बसें,  संहार में बसा महेश का सार। ब्रह्मा-विष्णु-महेश की शक्ति  हर थिरकन में सृष्टि की लय हर नारी में दुर्गा जागे,  हर पुरुष शिव रूप बन जाए। पुरुष जब ध्यान में लीन हो,  जटा में गंग बहे अविरल, डमरू की थाप पर नाचता,  काल भी बन जाए शांत और सरल। मिट जाए असुरत्व जगत से, सतयुग सा उजियारा आए। हर नारी में दुर्गा जागे, हर पुरुष शिव रूप बन जाए। पार्वती संग प्रेम है उसका,  अर्धनारीश्वर रूप महान, हर पुरुष में वही शिवत्व है,  जो त्याग और तप का है ज्ञान। ~ बाल कृष्ण मिश्रा, नई दिल्ली |

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