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To a mother

To a mother

Written by Vijay Pal


Mother is second name of god

He will not reach everyone at every time

He creates a mother in His form

Full of compassion and full of love

Her is all earthly things above

She is boon for her offspring

She can ready to sacrifices her everything

All love is not pure before mother's love

She loves her offspring all earthly things above

In her love a unique feel

She makes a offspring with love zeal

With her own breast she feeds

Every problems she soon realised

A love is hidden in her chide

To face the world with path right

She always gives her best to nourish

She is cares and keeps away offspring worries

She plays with offspring as her toy

She never makes a difference in girl or boy

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Poet

Vijay Pal

EDUCATION :
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From B 25 Ghazipur Village Delhi



Publisher

Om Tripathi

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टिप्पणियाँ

  1. सुबह सुबह की ठंडी हवा
    चल रही थी ऐसे।
    नई उमंगें, नई खुशियां
    मानो लिए जैसे।।
    हम हैं बच्चे छोटे मोटे
    प्यार करते हैं सबसे।
    दिलो में सबके घर बनाते
    रहते न दूर घर से।।
    💅💅💅💅💅

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