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माँ पर विशेष




माँ ईश्वर का प्रतिरूप। 

माँ सर्दी की धूप।

 माँ तपती दोपहर की छाँव।

 माँ सागर में है नाव।

 माँ हर दर्द की दवा।

 माँ मलयांचल की हवा।

 माँ हर मुश्किल का हल।

 माँ दुखियों का संबल।

 माँ मित्र, पहला प्यार, खुदा।

 माँ कुबूल हुई दुआ।

 माँ बच्चे की प्रथम गुरू।

माँ से ही जीवन हुआ शुरू।

 माँ है तो हैं हम, ऐ माँ तुझे नमन।

Written by

Vartika Dubey

Phulpur, Prayagraaj

Posted by

Om Tripathi

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Ummeede

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