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Kalam kehti he

_कलम कहती है



 कलम कहती है मुझसे
खुद को अकेला मत समझना दोस्त खुदा खुद तेरे साथ है
तू कहां अकेला है तेरा सपना तेरे साथ है
जिस मंजिल को पाना है वह रास्ता तेरे साथ है
अगर लगे कि तू है अकेला
तो पूछ इन किताबों से
वह हर पल तेरे साथ है
माता पिता भाई बहन सब साथ छोड़ देते हैं
पर पूछ अपने टैलेंट से वह तेरे साथ है
तू रुक मत दोस्त तू झुक मत दोस्त
गिर के उठने का जो हुनर है
पूछ उस हुनर से वह तेरे साथ है
हो कभी गम अकेलेपन का तो रो ले
मगर याद रख किसी के पास आंसू बहाने के लिए आंखें भी नहीं है
पूछ लेना इन आंसुओं को इस खुशी में
कि हाथ है तेरे पास जो कई लोगों के पास नहीं है
तू कहां अकेला है मेरे दोस्त
मैं हूं ना तेरे साथ
 कलम..............

                          

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 Suman Saharan

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