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~  वक्त  ~





ये वक्त वक्त की बात है..... 

जिवन की राहे कभी खुश तो कभी उदास है। 
पास दरिया हो के भी बुझी नही प्यास है। 
ये वक्त वक्त की बात है... 

 आज खुशियों के पल साथ तो     
 कल दु:खो की बरसात है। 
 कही जिंदगी भर का साथ तो
 कही एक ही मुलाकात है।
 ये वक्त वक्त की बात है.... 

आईनेसा साफ कुछ भी नही, छल 
- कपट ही इंसानियत का पोषाख है। 
जिंदगी के कुछ पल चमकिले, तो     
कुछ चुल्हे की राख है। 
ये वक्त वक्त की बात है...। 

घर का प्यार भरा आंगन आज खाली और उदास है। 
उड़ते पंछी को आज भी घोंसले की आस है। 
ये वक्त वक्त की बात है....।



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Poet

रुत्तिका सुघिर तिमाने 

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Publisher

Om Tripathi

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