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Tera ishq

 

******* तेरा इश्क ********

love poem


अदालत हुस्न की होगी 
मुकदमा तेरे इश्क का होगा। 
गवाही मेरे दिल की होगी
मुजरिम तेरा प्यार होगा। 

कुछ जरूरी रहा होगा तुम्हारा बात करना उससे। 
ठीक है ! कर लो! 
जरूरत भी बन जाएगी। 

पूछना था तुमसे तुम्हारा हाल कैसा है
छोड़ने के पहले जैसा था क्या अब वैसा है। 

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Poet

Vivek Kumar Maurya

EDUCATION :
ADDRESS :


Publisher

Om Tripathi

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