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Motivation poem in hindi short

दिल की यही फरमाइश



 दिल की यही फरमाइश है हमारी............।

काम ऐसा करू कि ,

 फक्र से सिर ऊंचा हो मां बाप का ।

 कदम ऐसे बढ़ाओ की, 

 ‎ अपनों का सहारा बन जाऊं।

 हर सफलता पर नाम रचाऊ ऐसा,

 ‎ कि सबके लिए उदाहरण बन जाऊ।

खुद में इतना व्यस्त हो जाऊं,

किसी से शिकायत मिलने का मौका ना मिले ।

 खुद के शहर में इतना विलीन हो जाऊं,

 ‎ कि किसी के खोने का डर ना हो ।

खुद की खुशी में इतना खो जाऊं ,

किसी को दुख देने की फुर्सत ना मिले ।

 खुद में इतनी हिम्मत हो जाए ,

 ‎ कि किसी के सहारे की जरूरत ना हो हमको।

 ‎ दिल की यही फरमाइश है हमारी..........।

Written by

Rinkikashi Naresh Yadav
Ramnagar, Meja , Prayagraaj, (U.P)

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Posted by

Om Tripathi

पद - 'Hamari Kavita' वेबसाइट के प्रकाशक।


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