मेरी माँ थी मेरी शक्ति, मेरी माँ मेरा प्यार।
मेरी माँ थी मेरी आशा, मेरी माँ जीवन आधार।
मेरी माँ थी मेरी इच्छा, मेरी माँ मेरा अधिकार।
मेरी माँ थी मेरा जीवन, मेरी माँ स्वप्न साकार।
मेरी माँ मेरी परिभाषा, मेरी माँ मेरे संस्कार।
मेरी माँ मेरी शिक्षक, मेरी माँ मेरी मनुहार।
बिन माँ के बिना मेरा जीवन, बना घोर अंधकार।
फिर एक बार तुम आओ माँ,
मुझको राह दिखाओ माँ।
बचपन के उस भय को भगाकर,
उंगली पकड़ चलाओ माँ।
जीवन के इस सूनेपन को,
अपनी लोरी से बहलाओ माँ।
फिर एक बार तुम आओ माँ आओ माँ,
मुझको गले से लगाओ माँ।।
Written by
Vartika Dubey
Posted by
Om Tripathi

Maa ishwar ka uphaar a touching poemheart
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