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रक्षाबंधन का महत्व



 
बंधन-बंधन प्यार का बंधन। 
सबसे न्यारा है, ये रक्षाबंधन॥ 

बहना जो भाई के कलाई पर राखी बांधी जाए। 
भाई जन्मों- जन्मों तक बहन की रक्षा का पात्र निभाता जाए॥
राखी एक ऐसा बंधन कहलाए जो भाई बहन के प्यार एक सूत्र में बाधीं जाए॥ 

श्रावण माह का ये प्यारा त्योहार। 
जो दिखाए भाई-बहनों का अटूट सा प्यार॥ 

जो भाई अपनी बहनों से अटूट प्यार है करते। 
वे ही बहनों की खुशीयों के खातिर दुनिया से है लड़ते॥ 

यह पर्व भाई-बहन के लिए खास रहे जब किसी मुश्किल घड़ी में बहना आए। 
भाई को है रक्षा करना यह पर्व याद दिलाए॥ 

धर्म गृहों के अनुसार सबसे पहले माँ लक्ष्मी ने राजा बली को बाधीं राखी। 
तब से लोग हुए इस पर्व के आदआदि॥ 

इतिहास में सिकंदर की पत्नी रोकजाना ने पोरस को बाधीं राना सांगा की पत्नी कर्णावती ने हुमायूं को बाँधी राखी ये है हिंदू मुस्लिम के प्यार के साक्षी॥ 

रक्षाबंधन का लक्ष्य है अभी अधूरा जब भारतीय लोग जात-पात छोड़ कर बनेगें एक दूसरे का सहारा तभी होगा रक्षाबंधन का न पूरा। 

हम सब भारतीय भाइयों को रक्षाबंधन में प्रतिज्ञा है करना की भारत के सभी बहनों का मुस्किलों में है रक्षा करना॥
 

Written by
-Akash kumar
Bhandartal,Barari,
 katihar(BIHAR) 
Posted by
-Om Tripathi

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