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Jindagi Sikhati He

 

_जिन्दगी सिखाती हैं




ये जिन्दगी तू कितनी अजीब है जन्म से लेकर मृत्यु तक कुछ नया कुछ अलग सिखाती रहती
कितनी तकलीफे लाती है तू कभी खुशी है तो कभी गम कभी धूप तो कभी छांव
ये जिन्दगी तू है मुस्किलो का एक गांव
यहां हर मोड़ पर हमे परीक्षा लेते हुए हमे मंजिल तक पहुंचाती हैं
कभी हंसाती है तो कभी रुलाती ये जिन्दगी तू कभी हर चीज़ के लिए संघर्ष कराती
इस दुनिया में न जाने कितने मोड़ है कहीं अच्छाई के तो कहीं बुराई के इन सपनों को पूरा करके नई उम्मीद जगाती हमे मृत्यु एक अंतिम पल है जीवन का उसमे भी कर्तव्य निभाती हैं
ये जिन्दगी तू कितनी अजीब है कुछ नया कुछ अलग सिखाती रहती हमे

Amrita Tripathi

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Poet

Amrita tripathi

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