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Aaj ki Shadi

 

_आज की शादी




लग जाता है बाप एक बेटी को खुशियां देने में दिन रात प्रयास करता है रिश्ता सटीक होने मे
पहले का अपना जमाना था लड़का न देखे लड़की को लड़की न देखे लड़के को बात पक्की हो जाती चट मंगनी पट ब्याह शादी धूमधाम से हो जाती
आया है कलयुग मार्डन जमाना
लड़का बोले शादी से पहले लड़की को है होटल घुमाना दिल मिले दिमाग़ मिले
फिर है रिश्ता आगे बढ़ाना
लड़का लड़की मिलते हैं गुपचुप बात इधर उधर हो जाना है बाते चलती घंटो लगभग
फिर भी समझ नहीं आना है इस कलयुग में बोलो भाई शादी कैसे रचाना है

Amrita tripathi

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Poet

Amrita Tripathi

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