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कहाँ गए हो......



कहाँ गए हो हवा में घुल कर , 
               क्यों इतना याद आते हो॥ 
एक क्षण के लिए मिल जाओ ना, 
               सीने से मुझे लगाओ ना॥ 
उस रात में घोर अंधेरा, 
               क्या समय की ही वो गलती थी॥ 
कानों तक जब बात वो पहुंची, 
               वो रात नहीं थी कटती थी॥ 
सबकी आँखों में था पानी, 
               वो पानी नहीं ये दर्द छिपा॥ 
कल बुरा हुआ तो क्या हुआ, 
               कल अच्छा होगा है मुझे पता॥ 
जीवन में कुछ करने की आशा, 
                लेकर में दृढ़ पथ पर चला॥ 


                              Written by
                - Shourya Paroha
              Posted by
               -  Om Tripathi
                             

टिप्पणियाँ

  1. Aaj tumne mera name roshan kr diya sourya...god bless you

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  2. Very heart touching....god bless you

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  3. Anshul upadhyay9:05 pm

    God bless you shaury,
    Keep it up.

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  4. Very good shaury,keep it up.🇨🇮

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  5. बहुत सुंदर 👍🏾👍🏾👍🏾

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  6. Good work...
    Good luck for your other poems..🎉🎉

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