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"संघर्ष का मोती"

  लड़खड़ाते कदमों से चलना  सीखती है ये जिंदगी,  हजार ठोकरें सहकर,  चमकता संघर्ष का मोती।  दुनिया है कहती रोड़ा हूँ तेरी राह में,  पर बैठा है वो भी उस ईश्वर की पनाह में।  उस एक पल के लिए आँखें,  ना जाने कितनी रातें जगीं।  हजार... ........ .  ..    ..... . .   काँटों से कैसा भय जब महकने की चाह हो,  कुछ कर पाने की हसरत ही इस जिंदगी का मुकाम हो।  उसकी रंगत को देखने,  अनगिनत नजरें उठी।  हजार.... .. .  . .. ................  Written by Tamanna kashyap,  Uttar pradesh, sitapur. 

"मित्रता"

 एक अलग होड़ सी लगी रहती है रिश्ते नातों की, इस दुनिया में हर एक व्यक्ति रिश्तों से जुड़ा हुआ है चाहे वो छोटा हो या बड़ा। सबसे सच्ची बात रिश्ते भगवान स्वयं बनाता है, और समय पर इन रिश्तों का मिलन भी होता है। उन सभी रिश्तों में एक रिश्ता मित्र का भी होता है जो सदियों से चला आ रहा है। मित्र बनाना कोई बुरी बात नहीं है, चाहे वो लड़का हो या लड़की बस उसे मित्रता निभानी आनी चाहिए। मित्र भी कई प्रकार के होते हैं, कुछ तो हमेशा अपने बारे में सोंचते हैं लेकिन कुछ दूसरों की भलाई भी करना चाहते हैं। कोई माने या ना माने मित्रता में निःस्वार्थ प्रेम भी झलकता है।" प्रेम का अर्थ है_व्यक्ति के अंदर किसी दूसरे व्यक्ति के प्रति कोई लालसा ना हो"। कई लोग प्रेम को भी स्वार्थ परख समझ कर उसका नाम तक खराब कर देते है, क्योंकि उन्हें प्रेम का मतलब नहीं पता होता। निःस्वार्थ प्रेम तो किसी से भी किया जा सकता है, चाहे वो इंसान हो या फिर भगवान। हमें ऐसे ही मित्रों का चुनाव करना चाहिए, जिनमें कुछ सदाचार दिखाई दें व समय आने पर निःस्वार्थ भाव से एक_दूसरे की सहायता कर सकें। मैंने देखा है कई लोगों को ये कहते हुए क...